आपके घर अथवा ऑफिस में जिनते भी कमरे हो उन सभी में एक 50 ग्राम वजनी फिटकरी का छोटा सा टुकड़ा रख दे. हर महीने इन फिटकरी के टुकड़ो को जरूर बदले तथा दुसरा फिटकरी का टुकड़ा पुराने वाले के स्थान पर रख दे यह उपाय आपके हर प्रकार के वास्तु दोष को दूर करेगा।
व्यापार में बरकत के लिए :-
एक फिटकरी का छोटा सा टुकड़ा ले तथा इसे काले कपडे में बाँध ऑफिस अथवा अपने दूकान के प्रवेश द्वार पर लटका दे, इस उपाय द्वारा आपको व्यापार में लाभ होने लगेगा तथा बरकत आएगी।
फिटकरी की कटोरी :-
एक कटोरी में फिटकरी डाल अपने घर के बाथरूम में रख दे, तथा एक महीन के पश्चात इस कटोरी में रखे फिटकरी को बदल दे. इस उपाय द्वारा घर में फैली जितनी भी नकरात्मक ऊर्जा होगी वह उस कोटरी में डाली फिटकरी में समाहित हो जायेगी. तथा सदैव सकरात्मक ऊर्जा का आपके घर में स्थान बना रहेगा।
यदि आपको इस उपाय को करने में किसी भी प्रकार की असमर्थता आ रही है तो इसकी जगह आप अपने घर में तुलसी का पौधा स्थापित कर सकते हो. तथा तुलसी के पौधे की प्रतिदिन पूजा करे. तुलसी के पौधे का घर में होना सकरात्मक शक्तियों का संचार करता है.
यह बाह्य फैली किसी भी प्रकार की नकरात्मक ऊर्जा को घर में आने से रोक देती है तथा समस्त प्रकार के वास्तु दोषो को दूर करती है
हम आपको भगवान श्री कृष्ण से संबंधित ऐसे मंत्रो के बारे में बताने जा रहे है जिनसे भक्त अपने जिंदगी में सुख-समृद्धि और ऐशवर्य प्राप्त कर सकता है। यह मन्त्र काफी सरल है लेकिन फिर भी ध्यान रहे की इनका उच्चारण सही प्रकार से हो।
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सही उच्चारित मंत्र ही सही फल प्रदान करते है। और मंत्रों का गलत उच्चारण कई बार तबाही का कारण भी बन जाता है। क्योंकि वह अपने सही फल की बजाय विपरीत फल प्रदान कर देता है।
पढ़े मंत्र…
1 . ''कृं कृष्णाय नमः”
इस मन्त्र के उच्चारण करने से मनुष्य को उसके अटके धन की प्राप्ति होती है तथा घर-परिवार में सुख सम्पति की वर्षा होती है।
मन्त्र के जाप करने की विधि :- हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार इस मन्त्र का यह विधान बताया गया है की इसे प्रातः काल स्नान आदि के पश्चात घर में मंदिर के समीप बैठकर 108 बार जाप करना चाहिए। इस मन्त्र के जाप से मनुष्य के सभी कष्टों एवं दुःख दर्दो का विनाश होता है व रुके हुए धन की प्राप्ति होती है।
2 .''ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा ”
भगवान श्री कृष्ण का यह मन्त्र साधारण नहीं है। यह सप्तदशाक्षर महामंत्र है। अन्य मन्त्र 108 बार जप करने से सिद्ध हो जाते है परन्तु इस मन्त्र का जाप एक लाख बार करने से सिद्ध होता है।
सिद्ध करने की विधि :- धार्मिक मान्यतानुसार जप के समय हवन का दशांश अभिषेक का दशांश तर्पण तथा तर्पण का दशांश मार्जन करने का विधान शास्त्रों में वर्णित है। जिस व्यक्ति को यह मंत्र सिद्ध हो जाता है उसे करोड़पति होने से कोई नहीं रोक सकता ।
3 . ''गोल्ल्भय स्वाहा”
यह मन्त्र दिखने में तो सिर्फ दो अक्षर के लग रहे है परन्तु इन मंत्रो में सात शब्दों का प्रयोग किया गया है। यदि इस मन्त्र के उच्चारण में थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो यह मन्त्र सिद्ध नहीं होता है।
सिद्ध करने की विधि :- आप को बता दे की इस मन्त्र के जाप के लिए कोई समय तय नहीं किया गया है और इसके जापो की संख्या भी निर्धारित नहीं है फिर भी इस मन्त्र का सवा लाख बार जाप करना चाहिए। यदि आप अति शीघ्र धनवान बनना चाहते है इस मन्त्र का उपयोग चलते हुए कुछ काम करते हुए या जगी हुई अवस्था में कभी भी कर सकते यही परन्तु इस मन्त्र का उच्चारण में भी कोई चूक नहीं होनी चाहिए।