शनिवार, 3 सितंबर 2016

शनिदोष से मुक्ति के लिए शनिवार को पीपल की पूजा कैसे करें…


 पीपल वृक्ष को प्राचीनकाल से ही पवित्र माना गया है। ऐसा भी माना जाता है कि पीपल की नियमित पूजा से शनिदोष दूर होते हैं। पुराणों के अनुसार पीपल पूजन से सौभाग्य, वैभव, धन, आयु, संतान सुख भी प्राप्त होता है।
 

भागवत पुराण के अनुसार पीपल भगवान श्रीकृष्ण का ही रूप है। तो आइए जानते हैं कि शनिदोष से मुक्ति के लिए शनिवार को पीपल की पूजा कैसे करें…


 प्रत्येक शनिवार को नित्य कर्मों के निवृत्त होने के बाद स्वच्छ व श्वेत वस्त्र पहनें। पीपल की जड़ में केसर, चंदन, चावल, फूल मिला पवित्र जल अर्पित करें। तिल का तेल का दीपक जलाएं। यहां लिखे मंत्र का जप करें।

 

मंत्र-

 

आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्।

देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।

विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतए गोविन्दाय नमो नम:।

 से घर का वातावरण पवित्र होता है।

फिटकरी के कुछ सरल व अचूक उपाय जिनसे होंगे आपके सभी मनोरथ पूर्ण और बदलेगी आपकी किस्मत



पानी: परिवार के सदस्यों में झगड़े होते हों तो परिवार का मुखिया रात्रि को अपने पलंग के नीचे एक लोटा पानी रख दें और सुबह गुरुमंत्र अथवा ईष्टदेव के नाम का उच्चारण करके वह जल पीपल को चढ़ाएं। इससे पारिवारिक कलह दूर होंगे घर में शांति होगी।

फिटकरी से नजरदोषमुक्ति : जिस व्यक्ति को नज़र लगी हो उसे लिटाकर फिटकरी का टुकड़ा लेकर सिर से पांव तक सात बार उतारें। ध्यान रहे कि हर बार सिर से पांव तक ले जाकर टुकड़े को तलुवे से लगाकर फिर सिर से घुमाना शुरु करें। इस फिटकरी के टुकड़े को आग में डाल दें। जैसे- जैसे वह फिटकरी आग में जलेगी  वैसे- वैसे बुरी नजर का असर खत्म होता जाएगा।
धन प्राप्ति के लिए : रोज रात को सोते समय अपने दांत फिटकरी से साफ करेंगे तो लाभ होगा। इसके अलावा आप कभी कभार फिटकरी के पानी से स्नान भी करें।

कारोबार में कामयाबी : पांच टुकड़े फिटकरी, 6 नीले फूल और एक कमर में बांधने वाला बेल्ट नवमी के दिन देवी को चढ़ा दें। दसमी के दिन बेल्ट  को किसी कन्य को दे दें, नीले फूल बहते पानी में डालें और फिटकरी के टुकड़े को संभालकर रख लें।

साक्षात्कार देने जाते समय ये टुकड़े अपने पास रखेंगे तो सफलता मिलेगी। दूसरा यह कि कारोबार से जुड़े किसी महत्वपूर्ण कार्य से जा रहे हैं तो ये फिटकरी के टुकड़े अपने पास रखेंगे तो अवश्य सफलता मिलेगी।
 
 ऋण मुक्ति हेतु : एक पान के पत्ते पर थोड़ी सी फिटकरी और सिंदूर बांधकर बुधवार की सुबह या शाम को पीपल के पेड़ के नीचे किसी बड़े पत्थर से दबा दें। यह कार्य तीन बुधवार करेंगे तो लाभ मिलेगा।  
 

दुर्घटना  से बचने के लिए : गुरुपुष्य नक्षत्र में शुभ मुहूर्त में निकाली गई अपामार्ग (लटजीरा, आंधाझाड़ा) नामक पौधे की जड़ ले लें। इस जड़ को एक फिटकरी के टुकडे एवं एक कोयले के टुकडे के साथ एक काले वस्त्र में बांधकर उससे वाहन के चारों ओर दाहिने घूमते हुए 7 चक्कर लगाएं। यह एक प्रकार का उसारा करने के समान है। इसके पश्चात इस पोटली को वाहन में कहीं रख दें। ऐसा करने से वाहन दुरात्माओं से रक्षित रहता है तथा उसकी दुर्घटनाओं से भी रक्षा होती है।